Friday, February 1, 2019

सड़क पर हुए छेद को आम गड्ढा समझते रहे लोग, जांच की तो सामने आई बैंक तक की सुरंग

अमेरिका के पेमब्रोक पाइन्स शहर की एक सड़क पर जिस गड्ढे को राहगीर आम टूट-फूट का नतीजा मान रहे थे, जांच में वह 150 फीट लंबी सुरंग निकली। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के मुताबिक, चोरों ने सुरंग को बैंक के बेसमेंट के पास तक खोद लिया था। अब पुलिस इसकी तलाश कर रही है।

सुरंग में मिला खुदाई का सामान
इस गड्ढे के बारे में पहली बार एक मोटरसाइकिल चालक ने शिकायत की थी। इसके बाद गड्ढे को भरने आए शहर के निर्माण विभाग को शक हुआ और जांच के लिए पुलिस और एफबीआई को बुलाया गया। करीब दो से तीन फीट चौड़ाई वाले इस गड्ढे के अंदर जाने पर पता चला कि यह टूट-फूट का नहीं, बल्कि चोरों की साजिश का नतीजा है। गड्ढे में घुसते ही सबसे पहले एक जनरेटर और बिजली का तार मिला। अंदर जाने पर एक सुरंग सामने आई, जिसमें सीढ़ियां, जूते और स्टूल भी मिले।

एफबीआई के एक जांचकर्ता के मुताबिक, चोर इस सुरंग से बैंक में लगे एटीएम तक पहुंचने वाले थे। अधिकारियों का मानना है कि इसे खोदने के लिए कोई गिरोह काम कर रहा था। हालांकि, राहगीरों की निगाह से बचकर कुल्हाड़ी से सड़क के नीचे खुदाई करना आश्चर्य की बात है।

एफबीआई अब ड्रोन की मदद से सुरंग की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, यह साफ नहीं है कि सुरंग का अंत हुआ भी है या नहीं। साथ ही लगातार बारिश की वजह से सुरंग का कुछ हिस्सा धंस चुका है।

पेमब्रोक पाइन्स के निर्माण विभाग ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार किया है। हालांकि, एफबीआई अधिकारियों को चोरों की तलाश है। कुछ संदिग्धों की फोटो भी जारी की गई हैं।


इस गोली को दो किस्म के हाइड्रोजेल से बनाया गया है। इसका अंदरूनी हिस्सा सोखने वाले पार्टिकल्स से, जबकि बाहरी हिस्सा सुरक्षात्मक झिल्ली से तैयार किया गया है।

दवा को स्थिरता देने के लिए इसे जैली से बनाया गया है। इसके चलते यह पेट में जल्द ही आकार बढ़ा लेगी। वैज्ञानिकों का दावा है कि कैल्शियम के घोल को गोली से किसी भी समय हटाया जा सकता है।

शोधकर्ताओं ने लैब में गोली का प्रयोग किया। इसे पानी में डाला गया। पानी में पेट में पाए जाने वाले जठर रस भी मिलाए गए। 15 मिनट में ही गोली अपने मूल आकार से 100 गुना ज्यादा फूल गई।

फिलहाल इस गोली का सुअरों पर परीक्षण किया गया है। सुअर के पेट-आंतों की संरचना इंसान जैसी ही मानी जाती है। गोली में टेम्परेचर सेंसर लगाकर इसे सुअरों को खिलाया गया। गोली से पेट के अंदर की 30 दिनों की गतिविधियों पर नजर रखी गई।

एमआईटी के एसोसिएट प्रोफेसर शुआनहे झाओ का कहना है कि हमारा मकसद एक ऐसी स्मार्ट गोली तैयार करना था जिससे मरीज के पेट की स्थिति पर लंबे समय तक नजर रखी जा सके। इसमें लगे सेंसरों से बैक्टीरिया और वायरस की पहचान हो सकेगी। वैज्ञानिक गोली में एक सूक्ष्म कैमरा लगाने के बारे में भी विचार कर रहे हैं ताकि ट्यूमर में बढ़ोतरी देखी जा सके।

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